C Language in Hindi : Introduction and History

Introduction to C language in Hindi

C एक popular computer programming language है, जिसका use बहुत सी applications में किया जाता है। अगर आप को C language को English में समझने में problem होती है तो इस website में C language के Hindi tutorials दिए गए है। जिनमे C से related topics को Hindi language में समझाया गया है, इस website के माध्यम से आप C programming language को Hindi भाषा में भी सीख सकते है। 

An Overview of C

C एक general-purpose computer programming language है। C को middle level language भी कहा जाता है। C language को Dennis Ritchie ने 1969 से 1973 के दौरान Bell Laboratories में develop किया था, C language को बनाने के पीछे मुख्य उदेश्य UNIX Operating System को वापस से develop करना था। बहुत सारी programming languages के develop होने के बाद भी आज C एक most popular programming language है।

The History of C Language

C language को Bell Labs के employee Dennis Ritchie ने 1970 के दौरान बनाया था। उस time Dennis M. Ritchie, Ken Thompson और उनके कुछ साथी Multics project पर काम कर रहे थे उस project का उदेश्य large computer के लिए एक ऐसा Operating system बनाना था जिसका use बहुत सारे users कर सके, लेकिन वो वह ऐसा Operating System नहीं बना सके जो कि economically useful हो इसलिए उन्होंने इस project को drop कर दिया।

Development of UNIX

फिर Ken Thompson ने नए file system पर काम करना शुरू किया, और उन्होंने DEC PDP-7 के लिए एक नए file system को develop किया। उस file system की coding assembly language में की गई थी, उन्होंने इस नए file system को और आगे improve करने के लिए Multics project knowledge का use किया और बिल्कुल नए Operating system UNIX को develop किया।

Development of C Language

UNIX को assemble language में लिखा गया था। Assembly एक low-level programming language है, assembly language के program के किसी specific computer hardware को target करके बनाए जाते थे, और programs को लिखने और समझने में बहुत परेशानी होती थी। किसी particular task को perform कराने के लिए assembly language का program काफी बड़ा पड़ता और उसको बनाने में time भी ज्यादा लगता था।  लेकिन वही program, B language में कम समय में और कुछ ही lines के code में ही बन जाता था। इसलिए UNIX में और improvement करने के लिए B language का use किया गया। लेकिन B language में भी problem यह थी की उस में Data types नहीं थे और, B language में structures का use भी नहीं होता था। इसलिए Dennis Ritchie ने B language को और improve किया, उस के ज़्यदातर syntax को use करते हुए उस में नए features जोड़े और इस तरह उस को C language में बदल दिया और UNIX operating system को वापस से C language में develop किया।

Features of C Language

C language के बहुत से features यंहा दिए गए है -

  • Powerful
  • Mid-level programming language
  • Portable
  • Fast and Efficient
  • Easy to Extend
  • structured programming language
  • Bit Manipulation
  • Rich Library

1) Portable

C language बुहत से data types , functions ,Loop statements  ,conditional statements, decision making statements आदि को provide कराती है, इसलिए C एक powerful programming language है।

2) Mid-level programming language

C language में high level language के सारे functions तो है ही साथ में वो features भी है जो किसी Operating system को program करने के लिए चाहिए। C language low level language programming के features भी provide कराती है इसलिए C language का use low level programming में भी किया जाता है, C का use कर system applications जैसे Driver, Kernel आदि develop किए जाते है।

3) Portable

C language में बनाये गए programs portable होते है क्योकि C में लिखे गए programs किसी other platform पर without modification या फिर थोड़ा बहुत modify कर के C compiler का use कर run किए जा सकते है।

4) Fast and Efficient

C language के programs other programming language जैसे BASIC, JAVA आदि से fast होते है, C के program का compilation and execution time बहुत fast होता है।

5) Easy to Extend

C extensible language है, क्योकि c के programs easily extend किया जा सकता है।

6) Structured Programming Language

हम C के programs को functions का use कर easily अलग-अलग parts में break कर सकते है जिससे program को समझना और manage करना आसान हो जाता है, इसलिए C एक C structured programming language है।

7) Bit Manipulation

C language का use कर हम data को bit level तक manipulate कर सकते है और memory address को manage भी कर सकते है। C language बहुत से bit wise operators provide कराती है जिनका use bit by bit operation perform कराने के लिए किया जा सकता है

8) Rich Library

c language बहुत सारी libraries का set provide कराती है, जिनके अंदर macros, type definitions और बहुत से predefined functions होते है, जिनका उस आप direct अपने program में कर सकते है।

Applications of C language

C language का use बहुत सारी applications में किया जाता है जैसे -

→ Operating Systems
→ Network Drivers
→ Language Compliers
→ Print Spoolers
→ Assemblers
→ Text-Editors
→ Data Bases
→ Language Interpreters
→ Simulators
→ Utilities
→ Embedded Systems